Wednesday, 3 August 2016

चड्डी भी तो सुखनी चाहिये...

हालत ये है कि बारिश अब रुकनी चाहिये।
काले बादलों से नयी रौशनी अब निकलनी चाहिये।
बारिश पर शायरी करना मेरा मकसद नहीं, पर
कोने में लटक रही चड्डी भी तो सुखनी चाहिये...😜?😝😝😝😝😝😫😩😆😆😆😆😆

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